बैतूल: ग्राम पंचायत ढुमका रैय्यत में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! मकान बने नहीं और निकल गई पूरी राशि, सरपंच की भूमिका पर उठे सवाल
दुर्गेश यादव, मध्यप्रदेश हेड — 'जन जन की आवाज न्यूज़ 24'
बैतूल: जनपद पंचायत शाहपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढुमका रैय्यत में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं और कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत क्षेत्र में कई हितग्राहियों के आवास मौके पर पूर्ण रूप से बने ही नहीं हैं, इसके बावजूद योजना की पूरी राशि का आहरण कर लिया गया है।
गरीबों के हक पर डाका और अधूरे पड़े आवास:
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य देश और प्रदेश के गरीब एवं बेसहारा परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। लेकिन ढुमका रैय्यत पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर बिना निर्माण कार्य पूरा किए ही सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। यदि बिना नींव या दीवारें खड़े किए ही पूरी राशि निकाल ली गई है, तो यह एक बहुत बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय घोटाला है, जो उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है।
सरपंच के खुद के आवास पर भी सवाल:
इस पूरे मामले की सुई तब और गंभीर हो गई जब यह बात सामने आई कि खुद ग्राम पंचायत के सरपंच का प्रधानमंत्री आवास भी अधूरा पड़ा हुआ है। ऐसे में यह सवाल सबसे बड़ा रूप ले रहा है कि जिस पंचायत के मुखिया का अपना आवास ही अधूरा है, वहां योजना की निगरानी और अन्य हितग्राहियों के आवासों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की गई? ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जिन-जिन लोगों के आवासों में अनियमितताएं पाई गई हैं, वे सभी सरपंच के सबसे करीबी और खास लोग हैं।
जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग:
पीड़ित और आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ग्राम पंचायत ढुमका रैय्यत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत हुए सभी आवासों की जमीनी हकीकत परखी जाए। मौके पर जाकर निर्माण कार्य की स्थिति, जारी की गई किस्तों और कुल आहरित राशि का मिलान करते हुए भौतिक सत्यापन कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर के समक्ष शिविर में उठेगी आवाज:
ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि आगामी 11 सितंबर 2026 को तारा पंचायत में आयोजित होने वाले जन निवारण शिविर में पहुंचकर वे कलेक्टर और जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखेंगे, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
इस पूरे प्रकरण के संबंध में जब जनपद पंचायत शाहपुर के आवास योजना अधिकारी दीपक पांडिया से चर्चा की गई, तो उनका कहना था कि "यह पूरा मामला जांच का विषय है। इस संबंध में मैं अपने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आगे की जांच कार्रवाई सुनिश्चित करता हूँ।"





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